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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकमान्य तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर किया नमन

रायपुर  |  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती (23 जुलाई) के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के लिए इन दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान अविस्मरणीय है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” जैसे क्रांतिकारी उद्घोष के माध्यम से जनमानस में आज़ादी के लिए चेतना की ज्वाला प्रज्वलित की। उन्होंने सामाजिक समरसता के उद्देश्य से महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की सार्वजनिक परंपरा की शुरुआत कर राष्ट्रीय एकता को एक नया सांस्कृतिक आधार प्रदान किया।

श्री साय ने चंद्रशेखर आजाद के अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम की ज्वलंत प्रेरणा हैं। आजाद ने अपना जीवन देश को समर्पित कर युवाओं में आत्मबल, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को जाग्रत किया। उनका नाम ही देशभक्ति, अदम्य साहस और संकल्प का प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तिलक जी और आजाद जी का संघर्ष और बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्तंभ हैं। उनके विचार, आदर्श और राष्ट्रप्रेम आज भी हम सभी को देश की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

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